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बुलेट ट्रेन में होंगी हाई-टेक सुविधाएं, बच्‍चों के लिए होगा चेंजिंग और Feeding Room

मोदी सरकार की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत रेलवे 5 हजार करोड़ रुपये में जापान से 25 E5 सिरीज की बुलेट ट्रेन खरीदने की तैयारी में है.

बुलेट ट्रेन में होंगी हाई-टेक सुविधाएं, बच्‍चों के लिए होगा चेंजिंग और Feeding Room

कुछ ऐसी है जापान की बुलेट ट्रेन

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन के लिए जमीन के अधिग्रहण में देरी के चलते इसके लांच की तारीख को आगे खिसकाना पड़ सकता है, लेकिन रेलवे बुलेट ट्रेन के तमाम कल-पुरजों और यात्रियों की सुविधाओं को आखिरी रूप देने के काम में जुटा हुआ है. खास बात यह है कि बुलेट ट्रेन में बच्‍चों को ध्‍यान में रखते हुए कई सुविधाएं दी गईं हैं.

बुलेट ट्रेन में यात्रियों को बच्‍चों को फीड के लिए अलग से कमरा मुहैया कराया जाएगा. बीमार लोगों के लिए भी विशेष सुविधा होगा. साथ ही पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग टॉयलेट बनाए जाएंगे. भारतीय रेलवे में ये सुविधाएं पहली बार दी जाएंगी. 

E5 सिरीज की इन बुलेट ट्रेनों में 55 सीटें बिजनेस क्लास और 695 सीटें स्टैंडर्ड क्लास के लिए रिजर्व होंगी. ट्रेन में यात्रियों को सामान रखने के लिए जगह दी जाएगी. इस बुलेट ट्रेन में बेबी चेंजिंग रूम की भी सुविधा दी जाएगी, जिसमें बेबी टॉयलेट सीट, डायपर डिस्पोजल और बच्चों के हाथ धोने के लिए कम ऊंचाई के सिंक लगे होंगे. व्हीलचेयर वाले यात्रियों के लिए अतिरिक्त जगह वाले टॉयलेट की सुविधा दी जाएगी.

बुलेट ट्रेन के डिब्बों में आरामदायक ऑटोमैटिक घूमने वाली सीट लगी होंगी. इसके अलावा बुलेट ट्रेन में फ्रीजर, हॉट केस, पानी उबालने की सुविधा, चाय और कॉफी बनाने की मशीन और बिजनेस क्लास में हैंड टावल वॉर्मर की सुविधा भी होगी.

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डिब्बों में एलसीडी स्क्रीन लगी होंगी, जहां मौजूदा स्टेशन, आने वाले स्टेशन, गंतव्य और अगले स्टेशन पहुंचने और गंतव्य पहुंचने के समय के बारे में जानकारी आती रहेगी.

आपको बता दें कि मोदी सरकार की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना के तहत रेलवे 5 हजार करोड़ रुपये में जापान से 25 E5 सिरीज की बुलेट ट्रेन खरीदने की तैयारी में है. मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर का ज्‍यादातर हिस्सा एलिवेटेड होगा, जिसमें ठाणे से विरार तक 21 किलोमीटर अंडरग्राउंड कॉरिडोर होगा. इसमें भी सात किलोमीटर कॉरिडोर समुद्र के अंदर बनाया जाएगा.

अधिकारी के मुताबिक, 'बुलेट ट्रेन के डिजाइन को लंबी नाक के आकार का रखा गया है. जब एक हाई स्‍पीड ट्रेन सुरंग से बाहर निकलती है तो, सूक्ष्म दबाव तरंगों की वजह से काफी तेज ध्वनि उत्पन्न होती है. सूक्ष्म दबाव को कम करने के लिए, सामने की कार को नाक के आकार का बनाया जाता है.'

गौरतलब है कि बुलेट ट्रेन से मुंबई और अहमदाबाद के बीच 508 किलोमीटर की यात्रा करने में मात्र दो घंटे सात मिनट का समय लगेगा. भारतीय रेलवे इस परियोजना में 9 हजार 800 करोड़ रुपये खर्च करेगी, जबकि बाकी खर्च महाराष्ट्र और गुजरात की सरकारें उठाएंगी.

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