विज्ञापन
This Article is From Jul 25, 2022

माता-पिता बच्चों को कनफ्यूज करने वाली पैरेंटिंग मिसटेक्स से बचें, नहीं तो उनके दिमाग पर पड़ेगा बुरा असर

Child care Mistakes : बच्चों की भलाई के चक्कर में माता-पिता ऐसी कई गलतियां करने लगते हैं जिनका बच्चे के विकास पर विपरीत असर पड़ने लगता है और बहुत बार बच्चे कनफ्यूज होकर रह जाते हैं.

माता-पिता बच्चों को कनफ्यूज करने वाली पैरेंटिंग मिसटेक्स से बचें, नहीं तो उनके दिमाग पर पड़ेगा बुरा असर
Child Care : बड़े लोग भी हर काम परफेक्ट तरीके से नहीं कर सकते तो बच्चे कैसे करेंगे.

Parenting Mistakes: बच्चों के लिए उनके माता-पिता से ज्यादा शायद ही कोई सोचता होगा. पैरेंट्स चाहते हैं कि उनका बच्चा सिर्फ स्कूल की रेस ही नहीं बल्कि जीवन की रेस में भी सबसे आगे निकल जाए. लेकिन, बच्चों की भलाई के चक्कर में माता-पिता (Parents) ऐसी कई गलतियां करने लगते हैं जिनका बच्चे के विकास पर विपरीत असर पड़ने लगता है और बहुत बार बच्चे कनफ्यूज होकर रह जाते हैं. इन गलतियों का असर स्कूल में बच्चों (Children) की परफॉर्मेंस पर तो पड़ता ही है, साथ ही बच्चे की खुशियां भी प्रभावित होती हैं. इसलिए ऐसी कई परवरिश (Parenting) में की जाने वाली गलतियां हैं जिन्हें करने से पैरेंट्स को बचना चाहिए. 

बच्चों को कनफ्यूज करने वाली पैरेंटिंग मिसटेक्स | Parenting Mistakes That Confuse Children 

अपनी बात से पलटते रहना 

माता-पिता खुद किसी मसले को लेकर कनफ्यूज रहते हैं तो बच्चों को भी कभी कुछ तो कभी कुछ और कहना शुरू कर देते हैं. इस तरह बातें पलटते रहने से बच्चों को सोचने-समझने में दिक्कत होने लगती है. 

एकसाथ ढेर सारी एक्टिविटीज 

कई बार बच्चों को हर खेल, हर एक्टिविटी और हर विषय में सबसे आगे करने के लिए इतनी ज्यादा ट्यूशन या क्लासेस लगवा दी जाती हैं कि बच्चों के लिए 'मी-टाइम' लगभग खत्म ही हो जाता है. 

हमेशा तुलना करना 


जिस तुलना (Comparison) का माता-पिता बचपन से शिकार हुए हैं उसका पात्र वे जाने-अनजाने अपने बच्चे को भी बना देते हैं. इससे बच्चों को अंदर ही अंदर यह बात खाने लगती है और चाहकर भी वे अपना बेस्ट देने से चूक जाते हैं. 

परफेक्शन की उम्मीद लगाना 

बड़े लोग भी हर काम परफेक्ट तरीके से नहीं कर सकते तो बच्चे कैसे करेंगे. आपको बच्चे से सुधार की अपेक्षा करनी चाहिए ना कि परफेक्शन की. परफेक्ट वे खुद ब खुद होने लगेंगे बिना किसी दबाव के. 

निंदा करना 

अगर बच्चों की हर बात पर निंदा की जाएगी तो वे अंदर ही अंदर घुटने लगेंगे, खुद में रहने लगेंगे. उन्हें अपनेआप के साथ रहने में मुश्किल हो जाएगी जो उनके मानसिक स्वास्थ्य के लिए अच्छा नहीं है. अपनी चिंता, तनाव और मुश्किलें बच्चों के मत्थे मड़ने की गलतियां न करें. 

किसी और को बच्चे की पिटाई के लिए कहना 

माता-पिता ट्यूशन या स्कूल में अक्सर यह कह आते हैं कि आपका जितना मन करे इसे मारिए, बस यह पढ़ाई करना चाहिए. आप अपने बच्चे के अंदर ऐसा डर (Fear) पैदा कर रहे हैं जो उसे पढ़ाई से और ज्यादा जी चुराने पर मजबूर करने लगेगा. वह स्कूल या ट्यूशन से बचने के बहाने बनाएगा क्यूंकी उसे पता है कि उसकी गलतियों पर उसे माफी की जगह मार मिलेगी. बच्चों के लिए फ्रेंडली एनवायरमेंट क्रिएट करें जहां वह अपनी क्षमता के अनुसार अपना बेस्ट दे सके.  

NDTV.in पर ताज़ातरीन ख़बरों को ट्रैक करें, व देश के कोने-कोने से और दुनियाभर से न्यूज़ अपडेट पाएं

फॉलो करे: